जगदीप धनखड़ पहले भी सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान कई बार बेहोश हो चुके हैं। अधिकारियों ने बताया कि उनके बेहोशी के दौरे कच्छ, उत्तराखंड और केरल जैसे राज्यों में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान भी दर्ज किए गए थे। उपराष्ट्रपति के पद पर रहते हुए भी उनकी इस स्वास्थ्य स्थिति को लेकर कई बार चिंता जताई गई थी। 21 जुलाई, 2025 को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उन्होंने उपराष्ट्रपति का पद छोड़ दिया था।
एम्स में भर्ती होने के बाद धनखड़ की मेडिकल टीम उनकी हालत पर नज़दीकी निगरानी रख रही है। उनका स्वास्थ्य परीक्षण व्यापक रूप से किया जा रहा है, जिसमें एमआरआई, ब्लड टेस्ट और अन्य आवश्यक जांच शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर है और उन्हें पूरी तरह से आराम की सलाह दी गई है। परिवार के सदस्यों और अधिकारियों ने उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।
धनखड़ की हालिया बेहोशी की घटना ने उनके लंबे राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन में स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों को फिर से उजागर किया है। उनके सार्वजनिक जीवन में सक्रियता और लगातार यात्राओं के चलते उनके स्वास्थ्य पर हमेशा ध्यान देना आवश्यक रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित जांच और स्वास्थ्य पर सतर्कता उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण है, विशेषकर इस उम्र में।
जगदीप धनखड़ ने अपने जीवन में शिक्षा, राजनीति और सामाजिक क्षेत्र में कई योगदान दिए हैं। उपराष्ट्रपति के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान उन्होंने अनेक सामाजिक और शैक्षणिक पहलों को बढ़ावा दिया। उनके योगदान और सेवा को हमेशा सराहा गया है। वर्तमान में स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करना उनके लिए प्राथमिकता बन गया है।
अधिकारियों और उनके करीबी सहयोगियों ने पुष्टि की है कि धनखड़ की स्थिति स्थिर है और उन्हें जल्द ही पूरी तरह से स्वास्थ्य लाभ की उम्मीद है। एम्स में उनकी देखभाल विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा की जा रही है और उनकी जांचों के परिणामों के आधार पर आगे की योजना बनाई जाएगी। इस बीच, उनके समर्थक और जनता उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।
पूर्व उपराष्ट्रपति की इस स्वास्थ्य स्थिति ने यह स्पष्ट किया है कि उम्र और लगातार सार्वजनिक गतिविधियों के बीच संतुलन बनाए रखना कितना जरूरी है। उनकी स्थिति पर नज़र रखी जा रही है और आने वाले दिनों में उनके स्वास्थ्य संबंधी अपडेट सार्वजनिक किए जाएंगे।